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मा सरकारी अस्पताल में है और उसने नानी और शीना को मिलने बुलाया है। शीना यह जान कर चौंक जाती है कि मम्मी को उसके और बंटी के इश्क के बारे में पता है। रोमा कहती है कि उसने ही शीना के पापा सत्तू को उससे मिलने भेजा था। रोमा नहीं चाहती कि वो भी उसकी तरह क्रिमिनल बने। और शीना क्या चाहती है? अपनी मम्मी की लव स्टोरी जैसा कुछ या अपने लिए एक बेहतर जिंदगी?…
शीना अब अठारह साल की हो गई है। रोमा पिछले चार साल से दिल्ली के तिहाड़ जेल में है। शान वहीं रहता है और एक नंबर का बदमाश हो गया है। शीना ने बारहवीं कर ली है और उसे अपने इलाके में रहने वाले मोबाइल रिपेयर शॉप में काम करने वाले बंटी से इश्क हो गया है। वो उसके साथ मुंबई जा कर एक नई दुनिया बसाना चाहती है।
माइक की गाड़ी में हनी सिंह नानी से मिलने आया है। शीना देखती है कि दोनों साथ में जाम छलका रहे हैं और किसी बात पर डील कर रहे हैं। शीना यह बात नानी को बताती है। नानी गुस्से में विम्मो के घर पहुंचती है। हनी उन्हें देख कर भाग जाता है। पर विम्मो नानी गिल्ट के मारे जान दे देती है।
रोमा को हनी ने फंसा दिया है और वो जेल चली गई है। माफिया क्वीन पकड़ी गई। न्यूज चैनल वालों ने नानी और शीना का जीना मुश्किल कर दिया है। आखिरकार शीना एक दिन विम्मो नानी से मिलने घर से निकलती है। उनके घर के सामने एक जानी-पहचानी गाड़ी देख कर चौंक जाती है।
शीना अकेली परेशान है।पर उसे लेने निर्मल नानी और विम्मो नानी वहां आते हैं। रोमा ने उन्हें फोन करके आने को कहा था। शीना नानी के साथ वापस दिल्ली आ जाती है। हनी सिंह नानी को रोमा को पता जानने और पैसे के लिए परेशान कर रहा है। नानी उसे डांट कर भगा देती है। और हनी इसका बदला ले लेता है।
वो डेड बॉडी कंवल जीत की है। वहां रोमा भी आई है शान के साथ। शीना अपनी मम्मी और शान के साथा ढाबे के कमरे में जाती है। रोमा परेशान है पैसों के लिए और वो चाहती है कि कंवलजीत ने जो काम अधूरा छोड़ा है उसे वो पूरा करे। रात गुजरते-गुजरते रोमा फिर से शीना को वहां अकेले छोड़ कर निकल जाती है।
शीना जिद करती है कि उसे अपनी मम्मी रोमा से मिलना है। हनी सिंह उसे जालंधर शहर के बाहर झिलमिल ढाबे में ले जाता है। यह वही जगह है जहां रोमा उन सबको चंडीगढ़ से निकलने के बाद ले जाने वाली थी। ढाबे में शीना इंतजार कर रही है। आधी रात को वहां कई सारी गाड़ियां आती है और एक गाड़ी से स्ट्रेचर में सफेद कपड़े में लिपटी बॉडी निकलती है।…
हनी खबर ले कर आया है कि कंवल को गोली लगी है और पुलिस उसे ले कर अस्पताल गई है। हनी उससे मिलने जा रहा है और शीना जिद करती है कि वो भी अपने पापा से मिलने जाएगी। अस्पताल के बाहर ट्रैफिक जाम लगा है। पता चलता है कि वहां कोई कांड हो गया है।
खबर आई कि रोमा का एक्सीडेंट हो गया है। हनी सिंह शीना से कहता है कि वो दोनों नानियों को ले कर जालंधर चली जाए। वो वहीं उनसे मिलेगा। नानी को जब रोमा के एक्सीडेंट के बारे में पता चलता है तो वो शीना से बहुत नाराज होती है। दूसरी तरफ हनी फोन करके बताता है कि खबर अच्छी नहीं है।
नानी परेशान हैं कि रोमा का कुछ पता नहीं चल पा रहा। हनी सिंह उन सबको वापस अमृतसर अपने घर बुलाता है, कहता है रोमा जब भी आएंगी, यहीं आएंगी। फिर वो शीना को ऐसी बात बताता है कि वो बुरी तरह डर जाती है।
हनी सिंह के यहां पुलिस का छापा पड़ता है। पुलिस को शक है कि हनी सिंह ने अपने घर में ड्रग्स छिपा रखा है। हनी सिंह नानी से कहता है कि कुछ दिनों के लिए वो कहीं और रहने चली जाएं।
कंवल जीत को पुलिस से गिरफ्तार कर लिया है। रोमा कहां है, किसी को नहीं पता। नानी विम्मो नानी की मदद लेती है और शीना के साथ रोमा से मिलने निकल पड़ते हैं अमृतसर, हनी सिंह के घर।
शब्बो शीना को छोड़ने के नानी से तीन लाख रुपए मांगती है। कुछ देर में उसके पास एक फोन आता है और शब्बो डर जाती है। शीना नानी के पास लौट आती है। अब वो समझदार होती जा रही है। पर फिर नानी के पास ऐसी खबर आती है कि सब ऊपर से नीचे हो जाता है।
शीना अपनी मम्मी रोमा से मिलने अकेली मेट्रो में फरीदाबाद चल पड़ती है। उसका यह छोटा सा एडवेंचर बहुत भारी पड़ गया। फंस गई वह शब्बो के चंगुल में। कौन बचाएगा शीना को?
मम्मी के जाने से शीना खूब नाराज हो गईं। जब जाना ही था तो छोटे भाई को ले कर आईं क्यों? बस शीना ने निर्णय ले लिया कि उसे किसी भी हाल में आज ही मम्मी से मिलना है। पूछना है कि वो उसे छोड़ कर क्यों गई? इस चक्कर में शीना ने बहुत बड़ा रिस्क ले लिया। क्या वो बुरी तरह फंसने वाली है?
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